एक दिन, मस्त राम को एक शहर से एक कॉल आया, जहां उन्हें एक बड़े कवि सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। यह उनके लिए एक बड़ा मौका था अपनी कविता को देशभर में लोगों तक पहुंचाने के लिए।